समस्तीपुर, 10 सितम्बर (हर्षिता “अश्क”) बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच मन को शांत, सकारात्मक और संतुलित रखने का संदेश लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डैनी चौक स्थित कल्याणकारी भवन में विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। “राजयोग की शक्ति द्वारा सकारात्मक जीवनशैली” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजयोग को मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति का प्रभावी माध्यम बताते हुए नियमित अभ्यास पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर समस्तीपुर से पहुंचे कृष्ण भाई जी, वरीय आयकर अधिवक्ता डीके सिंह, बीके सोनिका बहन, रंजना बहन और आशा बहन ने संयुक्त रूप से किया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही सभागार आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा।सेमिनार को संबोधित करते हुए कृष्ण भाई जी ने कहा कि वर्तमान समय में सकारात्मक और तनावमुक्त जीवन के लिए व्यक्ति को सबसे पहले अपने विचारों पर ध्यान देना होगा। मन में उठने वाले विचार ही व्यक्ति के व्यवहार, सोच और जीवनशैली को प्रभावित करते हैं। उन्होंने राजयोग को मन की एकाग्रता बढ़ाने, आंतरिक शांति प्राप्त करने और आत्मिक शक्ति विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।उन्होंने कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक जीवन की नींव हैं।

जब व्यक्ति अपने मन को श्रेष्ठ और सकारात्मक चिंतन से जोड़ता है तो उसके व्यवहार में भी बदलाव आने लगता है। राजयोग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति भीतर से सशक्त बनता है और विपरीत परिस्थितियों का सामना अधिक शांत, संयमित एवं संतुलित तरीके से कर पाता है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के महत्व की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने जीवन में शांति, प्रसन्नता और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए नियमित राजयोग अभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।

सेमिनार में शामिल लोगों ने भी आंतरिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली के लिए राजयोग को अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में सोनिका बहन ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सेमिनार को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

















