समस्तीपुर, 31 अगस्त (हर्षिता “अश्क”) मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से रेल उपकरण चोरी होने के मामले का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने महज तीन दिनों में खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी के कॉपर पाइप एवं वायर बरामद किए गए हैं। बरामद रेलवे संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 6,045 रुपये बताई गई है। न्यायालय ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।जानकारी के अनुसार 26 अगस्त 2026 को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से अज्ञात अपराधियों ने रेल उपकरणों की चोरी कर ली थी।

घटना के बाद माल बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मंडल सुरक्षा आयुक्त, समस्तीपुर के निर्देश पर सहायक उप निरीक्षक शशिकांत तिवारी के नेतृत्व में अपराध आसूचना शाखा के जवानों को शामिल कर विशेष टीम गठित की गई।विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर 29 अगस्त की अहले सुबह मालगोदाम चौक स्थित रेलवे ऊपरी पुल के नीचे आरआरआई कार्यालय के सामने झाड़ी से हिमांशु कुमार उर्फ कुकू (26) और सुनील कुमार उर्फ शूटर (23) को चोरी के सामान के साथ दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान सुनील ने कथित तौर पर रेलवे यार्ड में खड़ी ट्रेनों के कोच से वायर तथा एसी आउटडोर यूनिट में इस्तेमाल होने वाले कॉपर पाइप काटकर बेचने की बात बताई।सुनील की निशानदेही पर नगर थाना पुलिस की सहायता से घोष लेन स्थित गोलू कुमार की बर्तन दुकान के गोदाम में छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान सीढ़ी के पास करीब 3 किलो कॉपर पाइप और अन्य कॉपर वायर बरामद हुए। इसके बाद दुकान संचालक गोलू कुमार (25) को गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी के दौरान दुकान और वहां मौजूद सामान व नकदी को दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गोलू के भाई विक्की कुमार की जिम्मेनदारी में सौंप दिया गया। बरामद सामान और तीनों आरोपितों को आगे की कार्रवाई के लिए RPF पोस्ट समस्तीपुर लाया गया।

मामले में RPF पोस्ट समस्तीपुर में अपराध संख्या 20/26, दिनांक 29 अगस्त 2026 के तहत आरपी (यूपी) एक्ट की धारा 3 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई। तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जब्त रेलवे संपत्ति को मालखाना में जमा कराया गया है। मामले की जांच एसआई एस.एस. कुमार को सौंपी गई है। RPF की कार्रवाई से रेल संपत्ति चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ शिकंजा कसने की उम्मीद बढ़ी है।















