बक्सर, 27 अगस्त (विक्रांत) बिहार सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) के तहत ‘उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ अभियान को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत बक्सर जिले के 15 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक दक्षता मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार, 27 अगस्त को जिले के वरीय पदाधिकारियों ने विभिन्न मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, पठन-पाठन की स्थिति और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया और पठन-पाठन कार्य में सहभागिता निभाई।अधिकारियों के विद्यालय पहुंचने से शिक्षा व्यवस्था को लेकर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों में भी सक्रियता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप विद्यालयों को विकसित करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

प्रशासन की ओर से नामित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक सप्ताह संबंधित मॉडल विद्यालयों का भ्रमण करें। निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित मापदंडों की समीक्षा की जाएगी। विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से मॉडल स्वरूप प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।प्रशासन का उद्देश्य इन विद्यालयों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा मिल सके।

बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत होने के साथ बच्चों में संख्या ज्ञान, सीखने की क्षमता और अन्य आवश्यक कौशल विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।15 विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित करने की पहल से जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। अब नियमित निगरानी और अधिकारियों की साप्ताहिक सहभागिता से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि योजना का लाभ विद्यार्थियों तक किस तरह पहुंचता है।














