बेतिया, 24 जुलाई (विनय कुमार गुप्ता) भारत-नेपाल की खुली सीमा से जुड़े बिहार के सीमावर्ती इलाकों में अब नेपाल से विवाह कर भारत आई महिलाओं का पंचायतवार डाटा तैयार किया जाएगा। गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर ऐसी महिलाओं की पहचान करेंगे और उनके नागरिकता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी तथा किसी भी पात्र महिला को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस संबंध में शुक्रवार को प्रखंड कृषि भवन सभागार में बीडीओ गिरधारी लाल की अध्यक्षता में सभी बीएलओ की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बीडीओ ने सभी बीएलओ को अपने-अपने पंचायत क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नेपाल से विवाह कर भारत आई महिलाओं की पहचान करने तथा आवश्यक जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया।अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान संबंधित महिलाओं के भारतीय नागरिकता से जुड़े प्रमाण-पत्रों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रारूप में उनका पंचायतवार डाटा तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह नियमों के तहत संचालित होगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहेगी।

बैठक में बीडीओ ने कर्मियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर सम्मानजनक व्यवहार के साथ जानकारी जुटाएं। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान किसी भी पात्र व्यक्ति को बेवजह परेशान नहीं किया जाए और सभी तथ्यों का निष्पक्ष तरीके से सत्यापन किया जाए। साथ ही अभियान को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए सभी कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।बीडीओ ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजना अनिवार्य है। बैठक में बीएलओ जितेंद्र दुबे, बलजीत तिवारी, राकेश रंजन, वीर पासवान, जगदीश राम, अरविंद ओझा, सिद्धार्थ शुक्ला, परशुराम प्रसाद सहित प्रखंड के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।













