मुंगेर, 20 जुलाई (प्रभात यादव) लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हवेली खड़गपुर प्रखंड में तबाही मचा दी है। गंगटा पंचायत के बसमता गांव के समीप सती नदी का सुरक्षा बांध टूटने और सड़क बह जाने से करीब 150 घरों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम और जरूरी सेवाओं के लिए अब करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।ग्रामीणों के अनुसार, बगरा नदी का पानी पुलिया बंद रहने के कारण तेज दबाव के साथ सती नदी में पहुंचा। जल निकासी बाधित होने से सुरक्षा बांध अधिक देर तक दबाव नहीं झेल सका और ध्वस्त हो गया। इसके साथ ही संपर्क सड़क भी बह गई।

इस घटना से बसमता, घुघलाडीह, बिहवे और पहाड़पुर गांवों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पूर्व मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल दिनेश यादव, सुधीर पंडित, बाबूलाल यादव सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी की जमीन पर अतिक्रमण और पुलिया बंद किए जाने से जल निकासी बाधित हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण हटाकर पुलिया खोली गई होती तो इतनी बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता चंद्रकांत और गंगटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने पुलिया खोलकर जल निकासी शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पहले जमीन की मापी और अतिक्रमण की जांच कराने की मांग रख दी। कनीय अभियंता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो आसपास के क्षेत्रों में और अधिक नुकसान हो सकता है। इधर, लगातार वर्षा के कारण मनी, डंगरी, महाने, खर्रा और जोकिया समेत कई नदियां उफान पर हैं। अनुमंडलीय अस्पताल और अंचल कार्यालय परिसर भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सद्भावना घाट स्थित काजवे पुलिया पर करीब छह फीट पानी बहने से वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो गया है। हालांकि, इस बारिश से धान की रोपनी कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को सबसे पहले टूटे बांध और संपर्क मार्ग की मरम्मत कर जनजीवन सामान्य बनाने पर प्राथमिकता देनी चाहिए।













