बक्सर, 15 जुलाई (विक्रांत) डुमरांव के चर्चित एवं सम्मानित अवकाश प्राप्त रेलवे स्टेशन मास्टर कृष्ण प्रसाद उर्फ प्रसाद जी के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन के बाद बुधवार को श्रद्धांजलि सभा एवं दरिद्र नारायण भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों, पत्रकारों और परिजनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभा में नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष चुनमुन प्रसाद वर्मा, भाजपा नेता सच्चिदानंद भगत, दशरथ प्रसाद विद्यार्थी, पत्रकार अरुण विक्रांत, बलीराम पांडेय, श्रद्धानंद तिवारी, प्रदीप शरण श्रीवास्तव, अधिवक्ता विष्णु शरण श्रीवास्तव, शमीम मंसूरी सहित कई गणमान्य लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नम आंखों से याद किया। परिजनों में पुत्र कौलेश्वर नाथ, पुत्री दुर्गावती देवी, पौत्र अंशु, प्रियांशु, पौत्री प्रीति, नाती अभिषेक कुमार अंकित कुमार और रोहित कुमार सहित पूरे परिवार ने भावुक होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

स्वर्गीय प्रसाद जी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस अवसर पर पत्रकार अरुण विक्रांत ने कहा कि स्वर्गीय कृष्ण प्रसाद केवल एक कुशल रेलवे अधिकारी ही नहीं, बल्कि बेहद सरल, ईमानदार और अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे। डुमरांव रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और निष्पक्ष कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीता। उनके व्यवहार और कार्यशैली के कारण रेलवे कर्मचारी ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी उनका सम्मान करते थे।

रेलवे स्टेशन के चाय दुकानदार दिलीप कुमार, समाजसेवी राम बहादुर सिंह तथा डी.के. कॉलेज के अवकाश प्राप्त कर्मी शिवजी सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रसाद जी का सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और मानवीय व्यवहार हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनके निधन से डुमरांव ने एक सम्मानित और लोकप्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है।
















