पटना, 06 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार में मानसून की लंबी बेरुखी के बाद मौसम ने अचानक करवट लेनी शुरू कर दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए नए निम्न वायुदाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को राजधानी पटना समेत 20 जिलों में तेज बारिश, आंधी, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रविवार को पटना और आसपास के इलाकों में हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से कुछ राहत मिली।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम से पुरवा हवा का प्रवाह मजबूत हुआ है, जिससे पूरे सप्ताह बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। रविवार दोपहर राजधानी समेत कई जिलों में अचानक मौसम बदला और कुछ देर तक हुई बारिश ने मानसून की वापसी के संकेत दिए।मौसम विभाग ने औरंगाबाद, रोहतास और भभुआ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और जलजमाव की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन को सतर्क रहने तथा लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, अरवल, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, मुंगेर, कटिहार, भोजपुर, बक्सर, भभुआ और रोहतास समेत 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में मेघ गर्जन, तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है। हालांकि बारिश की यह संभावना राहत लेकर आई है, लेकिन अब तक सामान्य से करीब 55 प्रतिशत कम वर्षा ने राज्य में चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं और खेती-किसानी प्रभावित हुई है। ऐसे में मौसम विभाग को उम्मीद है कि बारिश का नया दौर किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है और मानसून की रफ्तार एक बार फिर पटरी पर लौट सकती है।
















