पटना, 16 जून (अविनाश कुमार) मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी द्वारा शराबबंदी को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जाने के अगले ही दिन बिहार पुलिस ने विस्तृत आंकड़े जारी कर अपनी कार्रवाई का ब्योरा पेश किया। सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने कहा कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए राज्यभर में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि वर्ष 2026 में मई माह तक बिहार पुलिस ने करीब 201 करोड़ रुपये मूल्य की 22.84 लाख लीटर शराब जब्त की है।

इसमें जिला पुलिस द्वारा 140 करोड़ 95 लाख रुपये की 17.53 लाख लीटर शराब तथा विशेष इकाई मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो द्वारा 61 करोड़ रुपये की 5.31 लाख लीटर शराब बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक शराब बरामद की है। पिछले साल प्रतिमाह औसतन 85,645 लीटर शराब पकड़ी गई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर एक लाख छह हजार लीटर प्रतिमाह से अधिक हो गया है।पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में 293 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई थी। वहीं, राज्य के बाहर के 1236 शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 17 बड़े कारोबारी शामिल थे।

इस वर्ष मई तक 569 बाहरी कारोबारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पांच बड़े तस्करों को अन्य राज्यों से दबोचा गया है।मद्यनिषेध मामलों में भी व्यापक कार्रवाई जारी है। वर्ष 2025 में कुल 1,25,575 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 48,780 कारोबारी, आपूर्तिकर्ता एवं तस्कर तथा 76,795 शराब पीने वाले शामिल थे। इस वर्ष मई तक 56,904 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें 19,877 तस्कर और कारोबारी तथा 37,027 शराब पीने वाले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब कारोबार से संपत्ति अर्जित करने वाले 127 लोगों के विरुद्ध संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव अदालत को भेजा गया है। वहीं, 89 मादक पदार्थ तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है। इसके अलावा 21,024 किलो गांजा, 54 किलो चरस, 51.9 किलो हेरोइन-स्मैक, 1,758 किलो डोडा, 59.35 किलो अफीम, 9.06 लाख कैप्सूल और 3.45 लाख इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं।













