नालंदा, 15 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा समेत आसपास के जिलों के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहारशरीफ के रांची रोड स्थित सरकारी बस स्टैंड का कायाकल्प होने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट बस टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही राजगीर और शेखपुरा जिले के बरबीघा में भी आधुनिक बस स्टैंड बनाए जाने की योजना है। परियोजना के तहत बिहारशरीफ में 3.73 एकड़ भूमि पर बहुउद्देशीय जी-प्लस-फाइव भवन का निर्माण होगा।

भवन के भूतल पर बस पार्किंग और आधुनिक वर्कशॉप की व्यवस्था रहेगी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर परिवहन निगम का कार्यालय, वातानुकूलित एवं सामान्य प्रतीक्षालय, डॉरमेटरी, गेस्ट रूम तथा महिलाओं के लिए विशेष फीडिंग रूम बनाए जाएंगे।यात्रियों की सुविधा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए परिसर में शॉपिंग मॉल, होटल, बैंक्वेट हॉल, कैफेटेरिया और मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा एटीएम, डिजिटल सूचना प्रणाली, यात्री सहायता केंद्र तथा किफायती भोजन के लिए जीविका दीदी की रसोई संचालित की जाएगी। पूरे परिसर को तीन हिस्सों में विकसित किया जाएगा।

पहले भाग में सीएनजी, पेट्रोल और डीजल रिटेल आउटलेट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। दूसरे भाग में मुख्य टर्मिनल भवन और बसों के ठहराव की व्यवस्था होगी, जबकि तीसरे हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।डिपो प्रबंधक ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार स्थल की भौतिक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।पीपीपी मॉडल के तहत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बस टर्मिनल के संचालन, रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी निर्धारित अवधि के लिए निजी एजेंसी को सौंपी जाएगी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद पूरी संपत्ति पुनः परिवहन निगम को हस्तांतरित कर दी जाएगी।परिवहन विभाग के अनुसार इस परियोजना से क्षेत्र में शहरीकरण और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। अंतर्राज्यीय बस सेवाओं के विस्तार से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी, वहीं परिवहन निगम के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को आधुनिक और सुगम डिजाइन के अनुरूप विकसित किया जाएगा।














