नालंदा, 15 जून (अविनाश पांडेय) राजकीय राजगीर मलमास मेला-2026 में उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सुरक्षा का ऐसा मजबूत तंत्र खड़ा किया है, जिसने अब तक 92 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सीय सहायता प्रदान कर मिसाल कायम की है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ चौबीसों घंटे सेवा में जुटा हुआ है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर मेला क्षेत्र में व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था लागू की गई है।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मेले की शुरुआत से 13 जून तक कुल 92,022 श्रद्धालुओं को विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें 48,110 पुरुष एवं 43,681 महिला श्रद्धालु शामिल हैं। वहीं स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या से जूझ रही 231 महिला श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर रेफर किया गया।श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेला क्षेत्र के प्रमुख कुंडों, धार्मिक स्थलों एवं अखाड़ा मार्गों पर कुल 27 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों के संचालन के लिए 354 चिकित्सकों, पारामेडिकल कर्मियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो दिन-रात सेवा दे रहे हैं।

स्वास्थ्य शिविरों में प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाएं तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।संभावित आपात स्थितियों से त्वरित निपटारे के लिए 15 एम्बुलेंस को विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा गया है। सभी एम्बुलेंस अलर्ट मोड में कार्य कर रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके। पूरे मेला क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की इस प्रभावी व्यवस्था की श्रद्धालुओं एवं पंडा समिति ने सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि 15 जून को मेला समापन तक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तत्परता के साथ जारी रहेंगी।














