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दस्तावेज़ों से खुली विकास की पोल: 257 करोड़ की 203 सड़कें अधूरी, पूर्व विधायक ने सरकार पर साधा निशाना

बक्सर, 02 जून (विक्रांत) डुमराँव विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण कार्य विभाग के आधिकारिक एग्रीमेंट दस्तावेज़ सार्वजनिक करते हुए सरकार के विकास संबंधी दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

डॉ. सिंह ने बताया कि उनके प्रयासों और लगातार सरकारी स्तर पर की गई पैरवी के परिणामस्वरूप वर्ष 2020 से 2025 के बीच डुमराँव विधानसभा क्षेत्र में कुल 230 सड़कों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिली थी। इनमें 203 अत्यंत जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना शामिल थी। इन सड़कों की कुल लंबाई 411.90 किलोमीटर तथा कुल लागत लगभग 257.70 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी।उन्होंने कहा कि मई 2025 में इन परियोजनाओं की निविदा जारी कर कार्य एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट किया गया था।

एग्रीमेंट के अनुसार अधिकांश सड़कों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाना था, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में सड़कें अधूरी पड़ी हैं। पूर्व विधायक ने बताया कि बक्सर-आरा एनएच-84 से गजरावां रोड, कृष्णाब्रह्म से गिरधर बरांव रोड, एनएच-30 से रूपसागर रोड, ढकाईच से कोरानसराय पुल रोड, केसठ बस स्टैंड से सोनवर्षा एनएच-30 रोड, नावानगर से धवई-उसरा मुख्य सड़क तथा डुमराँव शहर की कई महत्वपूर्ण सड़कें अब भी अधूरी हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और राजनीतिक संरक्षण के कारण ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। कई परियोजनाओं की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। डॉ. सिंह ने डुमराँव बाईपास, रेल ओवर ब्रिज तथा अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं में भी देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विज्ञापन और प्रचार के सहारे अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की समीक्षा, दोषियों पर कार्रवाई और जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने की मांग की।

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