• Home
  • Crime
  • पटना में 10 करोड़ की दवा तस्करी का भंडाफोड़: सरकारी अस्पतालों से बांग्लादेश तक फैला था नेटवर्क, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Image

पटना में 10 करोड़ की दवा तस्करी का भंडाफोड़: सरकारी अस्पतालों से बांग्लादेश तक फैला था नेटवर्क, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पटना, 01 जून (अविनाश कुमार) राजधानी पटना में नशीली और सरकारी दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री के विशाल नेटवर्क का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड नीरज कुमार को वैशाली के हाजीपुर स्थित कोन्हारा घाट से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, नीरज पिछले दो दशकों से अधिक समय से अवैध दवा कारोबार में सक्रिय था और उसने बिहार समेत कई राज्यों में तस्करी का मजबूत नेटवर्क खड़ा कर रखा था। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह बिहार के विभिन्न सरकारी अस्पतालों से जीवनरक्षक दवाएं, महंगी वैक्सीन और एंटी स्नेक वेनम सीरम तक अवैध रूप से खरीदता था।

इसके लिए अस्पताल कर्मियों और स्थानीय मेडिकल दलालों की मिलीभगत का भी संदेह है। दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार और गया सहित कई जिलों से दवाएं एकत्र कर उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचाया जाता था।पुलिस के मुताबिक, सरकारी दवाओं को त्रिपुरा के अगरतला भेजा जाता था, जहां उनके मूल रैपर हटाकर नए रैपर लगाए जाते थे और कीमत बढ़ाकर अंकित की जाती थी। इसके बाद इन दवाओं की तस्करी बांग्लादेश तक की जाती थी, जहां उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। एंटी स्नेक वेनम सीरम को भी असम भेजकर कालाबाजारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कार्रवाई के दौरान अब तक तीन लाख से अधिक नशीले इंजेक्शन, 80 हजार बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप और बड़ी मात्रा में अन्य प्रतिबंधित एवं सरकारी दवाएं बरामद की गई हैं। जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस मामले में 15 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और एक दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ में नीरज ने खुलासा किया कि वर्ष 2017 में जेल में उसकी मुलाकात नशीली दवाओं के कारोबारियों से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने कई अपराधियों के साथ मिलकर संगठित तस्करी नेटवर्क तैयार किया। गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में किराये के कमरों को गोदाम बनाकर दवाओं का भंडारण करता था और ऑटो व टेम्पू चालकों के जरिए सप्लाई कराता था। पुलिस अब ट्रांसपोर्ट कंपनियों, हवाला लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। इस खुलासे ने राज्य के स्वास्थ्य तंत्र और दवा आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Releated Posts

बड़ी वारदात से पहले पुलिस का शिकंजा: हथियारों के साथ तीन कुख्यात अपराधी दबोचे गए, इलाके में मचा हड़कंप

नालंदा, 02 जून (अविनाश पांडेय) बिहारशरीफ शहर में एक संभावित बड़ी आपराधिक घटना को लहेरी थाना पुलिस ने…

रात के अंधेरे में बिहार भेजी जा रही थी लाखों की शराब, दो तस्कर दबोचे, कार से तमंचा और भारी खेप बरामद

गोरखपुर, 02 मई (अंकित यादव) बिहार में ऊंचे दामों पर शराब बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की साजिश उस…

आधी रात की टेम्पो लूट का खुलासा: अंतरजिला गैंग का भंडाफोड़, 6 बदमाश गिरफ्तार, 3 लूटी गई गाड़ियां बरामद

नालंदा, 01 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सीएनजी टेम्पो लूटकांड का…

राजगीर मलमास मेले को बदनाम करने की साजिश: AI से बनाए गए फर्जी हादसों के वीडियो वायरल, साइबर थाने में होगी FIR

नालंदा, 01 जून (अविनाश पांडेय) विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top