नई दिल्ली, 25 मई (अशोक “अश्क”) कोरोना महामारी भले ही खत्म हो चुकी हो, लेकिन उसके दुष्प्रभाव अब भी लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल रहे हैं। अब देश के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने एक नई और चिंताजनक बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों के मुताबिक कोविड के दौरान इस्तेमाल की गई स्टेरॉयड दवाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, Hip Arthritis और Avascular Necrosis (AVN) जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यह बीमारी धीरे-धीरे कूल्हे की हड्डी को पूरी तरह खराब कर सकती है।

दिल्ली में आयोजित DELHI HIP 360 Conference में देशभर के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने इस बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता जताई। डॉक्टरों ने बताया कि पहले कूल्हे की हड्डी से जुड़ी यह समस्या आमतौर पर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब 30 से 40 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से इसके मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार AVN यानी Avascular Necrosis ऐसी स्थिति है, जिसमें कूल्हे की हड्डी तक खून की सप्लाई कम या पूरी तरह बंद हो जाती है। इससे हड्डी कमजोर होकर धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज को चलने-फिरने, बैठने और उठने में गंभीर परेशानी होने लगती है। कई मामलों में बाद में Hip Replacement Surgery तक करवानी पड़ रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोविड के दौरान जान बचाने के लिए स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल जरूरी था, लेकिन लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में इन दवाओं के सेवन से ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं। यही आगे चलकर AVN जैसी बीमारी का कारण बन रही है।अस्पतालों में अब बड़ी संख्या में ऐसे युवा मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें लगातार कूल्हे में दर्द, जकड़न, लंगड़ाहट और सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हो रही है। जांच में इनमें शुरुआती Hip Arthritis और AVN की पुष्टि हो रही है। डॉक्टरों के मुताबिक कोविड के बाद Hip Replacement Surgery के मामलों में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि कोविड के बाद लंबे समय तक कूल्हे, जांघ या कमर में दर्द को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। शुरुआती स्टेज में MRI जांच से बीमारी का पता लगाकर बिना सर्जरी इलाज संभव है। डॉक्टरों ने बिना सलाह स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल से बचने और समय पर जांच कराने की अपील की है।

















