पटना, 23 मई (अविनाश कुमार) प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में बड़ा दांव चलते हुए राजधानी पटना के पास 15 एकड़ में फैले ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ से नई राजनीतिक पारी शुरू करने का ऐलान किया है। पटना शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर आईआईटी क्षेत्र के पास बने इस विशाल आश्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि यहां पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और अगले पांच वर्षों तक यही आश्रम प्रशांत किशोर का स्थायी राजनीतिक केंद्र रहेगा। जानकारी के अनुसार आश्रम परिसर में 50 से अधिक अत्याधुनिक टेंट लगाए गए हैं। रहने, खाने, बैठक और रणनीति तैयार करने की सभी व्यवस्थाएं हाईटेक तरीके से की गई है। यह पूरा इलाका पहले एक बगीचा था, जिसे अब आधुनिक राजनीतिक आश्रम का रूप दिया गया है।

प्रशांत किशोर का कहना है कि वे जनता के बीच रहकर बिहार की राजनीति को जमीन से जोड़ना चाहते हैं और यहीं से राज्य के लिए नई रणनीति तैयार करेंगे।बताया जा रहा है कि अभी तक प्रशांत किशोर पटना एयरपोर्ट के पास स्थित ‘शेखपुरा हाउस’ से पार्टी का संचालन करते थे। यह आवास उदय सिंह का है। अब बिहार नवनिर्माण आश्रम को जनसुराज की नई राजनीतिक प्रयोगशाला के रूप में देखा जा रहा है।आश्रम निर्माण में विकास कुमार और जितेंद्र सैनी समेत 100 से अधिक मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। मजदूरों के लिए भोजन, पानी और रहने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। हालांकि निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा, इसकी कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों की नजर जनसुराज के पिछले चुनावी प्रदर्शन पर भी टिकी हुई है।

बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के 238 में से 233 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। पार्टी को करीब दो प्रतिशत वोट शेयर मिला था। रोहतास जिले की सीटों पर भी पार्टी खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी थी। इसके बावजूद प्रशांत किशोर को उम्मीद है कि अगले विधानसभा चुनाव तक उनकी पार्टी बिहार की राजनीति में मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी।
















