लखनऊ, 12 मई (सेंट्रल डेस्क) उत्तर प्रदेश के चंदौली में 26 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देकर दहशत फैलाने वाला कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। आरोपी पर बिहार के गया निवासी यात्री और कैमूर की महिला समेत तीन लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। लगातार हो रही वारदातों से यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भय का माहौल बन गया था। चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान गुरप्रीत ने मौका पाकर एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने लगा।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस जांच में सामने आया कि 45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह बेहद खौफनाक तरीके से हत्याएं करता था। वह अपने शिकार की कनपटी पर गोली मारता था, ताकि किसी को बचने का मौका न मिले। पहली वारदात उसने 10 मई की सुबह चंदौली में ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में की थी। इसके बाद उसी रात कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में बिहार के गया निवासी दिनेश शाह की गोली मारकर हत्या कर दी। तीसरी वारदात सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में हुई, जहां आरोपी ने बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली महिला की कनपटी पर गोली दाग दी।

घटना के बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। जांच में पता चला कि गुरप्रीत पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था और सेना का पूर्व जवान था। उसने वर्ष 2021 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी। पुलिस के अनुसार नौकरी छोड़ने के बाद वह शराब का आदी हो गया और मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। कुछ समय पहले वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था, लेकिन नौकरी छूटने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। पुलिस ने आरोपी के पास से रिवॉल्वर, कारतूस और कटी हुई डबल बैरल गन बरामद की है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और लोकेशन हिस्ट्री के आधार पर तीनों हत्याओं में उसकी संलिप्तता की पुष्टि होने का दावा किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

















