नालंदा, 11 मई (अविनाश पांडेय) नालंदा जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सोमवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक समन्वय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक सख्ती साफ दिखाई दी। जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी अधिकारियों के साथ हुई इस हाई लेवल बैठक में जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और मलमास मेला 2026 की तैयारियों तक हर मुद्दे पर गहन समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत “सबका सम्मान, जीवन आसान” संकल्प को धरातल पर उतारना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता और सम्मानपूर्वक सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने घोषणा की कि आम लोगों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी कड़ी में जिले के सभी प्रखंडों में 19 मई 2026 को विशेष सहयोग शिविर लगाने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिकारियों को हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल के प्रचार-प्रसार का निर्देश भी दिया गया।

बैठक के दौरान डीएम का सबसे सख्त रुख भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को लेकर देखने को मिला। उन्होंने खनन माफिया, अवैध परिचालन, पीडीएस गड़बड़ी, आरटीपीएस काउंटर पर दलाली, भू-माफियाओं और सरकारी कार्यों में सक्रिय बिचौलियों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सिविल सर्जन को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एक्स-रे मशीनों को हर हाल में चालू रखने का निर्देश दिया गया। वहीं शिक्षा विभाग को सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल निर्माण का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। कृषि विभाग को फसल क्षति का शीघ्र आकलन कर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश मिला। मलमास मेला 2026 को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। डीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन करें, क्योंकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।














