मोतिहारी, 08 मई (गौरव कुमार गुप्ता) बंजरिया प्रखंड में भारतीय पुरुषों से विवाह करने वाली नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। बिहार सरकार के गृह विभाग और भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुई इस पहल से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि प्रखंड परिसर स्थित कॉमन सर्विस सेंटर में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां पात्र नेपाली महिलाएं भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन जमा कर सकेंगी। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार प्रिंस ने आधिकारिक आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाया गया है, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। लंबे समय से सीमा क्षेत्र में रहने वाली कई नेपाली महिलाएं भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेजों के अभाव में सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं से वंचित रह जाती थीं। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है। बीडीओ ने अंचलाधिकारी, स्थानीय मुखिया और सदर अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी महिलाओं को चिन्हित करने और उन्हें आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा है। जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को जरूरी दस्तावेजों के साथ शिविर तक पहुंचने के लिए प्रेरित करें।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ महिलाओं की पहचान सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में उन्हें कानूनी और दस्तावेजी परेशानियों से भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और अन्य सामाजिक लाभों तक उनकी पहुंच आसान हो सकेगी। सीमा क्षेत्र के लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि वर्षों से लंबित इस समस्या के समाधान की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।













