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बिहार में टोल टैक्स लागू करने की तैयारी: AI से बदलेगा सड़क तंत्र, कैबिनेट के फैसलों से बड़ा बदलाव तय

पटना, 06 मई (अविनाश कुमार) बिहार में अब सड़क पर सफर पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (टोल टैक्स) लागू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। “बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2026” को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। नियम अधिसूचित होने के तीन महीने के भीतर एजेंसी चयन कर टोल वसूली शुरू कर दी जाएगी।सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से सड़कों के रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटेंगे और सड़क ढांचे को अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

इसी कड़ी में राज्य की 19,305 किलोमीटर से अधिक सड़कों के रखरखाव और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 15,967 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही एक केंद्रीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां से सड़कों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी, जिससे समय पर मरम्मत और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा। कैबिनेट ने शहरी विकास को गति देने के लिए बिहार अर्बन ट्रांसफार्मेशन प्रोग्राम को भी मंजूरी दी है। इसके तहत विश्व बैंक से करीब 4750 करोड़ रुपये का ऋण लेकर शहरों में सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए 400 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने का भी फैसला लिया गया है। इनमें पटना को 150 बसें और अन्य प्रमुख शहरों को 50-50 बसें मिलेंगी। इसके संचालन के लिए सरकार 517 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी, जिससे यात्रियों को सस्ता और प्रदूषण मुक्त सफर उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को वेतन या पेंशन के आधार पर आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा।नगरपालिका चुनाव 2026 में बुजुर्ग, दिव्यांग और बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए ई-वोटिंग सुविधा लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि बिहार अब हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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