नालंदा, 06 मई (अविनाश पांडेय) प्रखंड क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच बुधवार को बड़ी गिरफ्तारी ने सनसनी फैला दी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने नगरनौसा में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर सुषमा कुमारी को 3200 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।मिली जानकारी के अनुसार, नगरनौसा पंचायत के वार्ड संख्या 3 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 28 की सेविका बेबी कुमारी से पोषाहार पंजी पर हस्ताक्षर करने के एवज में आरोपी सुपरवाइजर द्वारा 3200 रुपये की मांग की जा रही थी। बार-बार दबाव से परेशान पीड़िता ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की, जिसके बाद पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई।

निगरानी टीम ने जाल बिछाते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार जैसे ही सुषमा कुमारी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, पहले से घात लगाए टीम ने मौके पर ही उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को अपने साथ ले जाया गया।इस कार्रवाई के बाद नगरनौसा प्रखंड में हड़कंप मच गया है। सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच भय का माहौल देखा जा रहा है। लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश मान रहे हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष नगरनौसा में रिश्वतखोरी के मामलों में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।

इससे पहले 20 मार्च को प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अनुष्का कुमारी को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जबकि 26 मार्च को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामुदायिक उत्प्रेरक मनजीत कुमार को 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि निगरानी विभाग भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कड़े कदमों से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता आएगी और आम जनता को राहत मिलेगी।

















