पटना, 03 मई (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में एक नई हलचल उस वक्त तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने अपनी ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत का ऐलान किया। रविवार को पटना में पिता का आशीर्वाद लेकर वे चंपारण के लिए रवाना हुए, जहां से उनकी यह बहुचर्चित यात्रा शुरू होगी। निशांत कुमार ने अपनी यात्रा को ‘सद्भाव यात्रा’ नाम देते हुए इसके उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने भी चंपारण की धरती से अपना पहला सत्याग्रह शुरू किया था और उनके पिता नीतीश कुमार ने भी अपनी राजनीतिक यात्राओं की शुरुआत यहीं से की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे भी चंपारण से ही अपनी यात्रा का आगाज कर रहे हैं। सुबह जदयू कार्यालय पहुंचे निशांत कुमार ने जिस ‘निश्चय रथ’ से यात्रा की शुरुआत की, वह खास तौर पर फूलों से सजाया गया था। कार्यकर्ताओं के उत्साह और शंखनाद के बीच यह यात्रा रवाना हुई, जिससे पूरे माहौल में राजनीतिक ऊर्जा देखने को मिली।

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने निशांत कुमार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यात्रा निश्चित रूप से सफल होगी और लोग चाहते हैं कि वे राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं। वहीं, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने इसे एक “महत्वपूर्ण पहल” बताते हुए कहा कि इससे जमीनी हकीकत को समझने में मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान निशांत कुमार पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। वे बिहार की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को समझकर सरकार को सुझाव भी देंगे।युवाओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह है। लंबे समय से उनकी राजनीति में सक्रिय भागीदारी की मांग हो रही थी। ऐसे में उनकी यह यात्रा बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की आहट मानी जा रही है।













