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अब फाटक पर तीसरी आंख का पहरा: समस्तीपुर रेल मंडल में 100 समपारों पर CCTV, लापरवाहों की खैर नहीं

समस्तीपुर, 29 अप्रैल (हर्षिता “अश्क”) रेल सुरक्षा को नई धार देने के लिए भारतीय रेलवे के समस्तीपुर रेल मंडल ने बड़ा कदम उठाया है। मंडल के व्यस्त समपार फाटकों पर अब हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे हर गतिविधि पर 24×7 पैनी नजर रखी जा सकेगी। इस व्यवस्था के लागू होते ही अनधिकृत रूप से फाटक पार करने वालों पर सख्ती बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की आशंका में भारी कमी आने की उम्मीद है। रेल प्रशासन ने प्रथम चरण में 100 महत्वपूर्ण समपार फाटकों को चिन्हित किया है, जहां ट्रैफिक घनत्व अधिक है। इन स्थानों का चयन ट्रेन-व्हीकल यूनिट (TVU) के आधार पर किया गया है, यानी जहां ट्रेन और वाहनों की संयुक्त आवाजाही सबसे ज्यादा होती है।

इन फाटकों पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे, जो हर छोटी-बड़ी हलचल को रिकॉर्ड करेंगे।पूरी परियोजना पर करीब 66 लाख 98 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और काम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। मंडल का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों के भीतर सभी चिन्हित फाटकों को इस हाईटेक निगरानी प्रणाली से जोड़ दिया जाए।नई व्यवस्था की सबसे अहम खासियत इसका रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है। कैमरों को सीधे संबंधित रेलवे स्टेशनों और कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत अलर्ट मिल सकेगा।

यदि ट्रेन गुजरने के दौरान कोई वाहन फाटक पर फंसता है या नियमों का उल्लंघन होता है, तो कंट्रोल रूम से तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा।मंडल रेल प्रवक्ता आरके सिंह के अनुसार, यह पहल न सिर्फ सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि रेलवे कर्मचारियों के काम को भी आसान बनाएगी। अब निगरानी के लिए केवल मानव संसाधन पर निर्भरता कम होगी और तकनीक की मदद से अधिक सटीक व तेज कार्रवाई संभव होगी। रेलवे प्रशासन का मानना है कि कई बार फाटकों पर लापरवाही, समय पर गेट बंद न होना या अवैध रूप से पार करने की कोशिशें बड़ी दुर्घटनाओं को जन्म देती हैं। ऐसे में सीसीटीवी आधारित यह नई प्रणाली दुर्घटना रोकथाम में अहम भूमिका निभाएगी। कुल मिलाकर, “तीसरी आंख” की यह निगरानी व्यवस्था समस्तीपुर रेल मंडल में सुरक्षा का नया अध्याय लिखने जा रही है, जहां अब हर फाटक पर तकनीक का कड़ा पहरा होगा और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनेगी।

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