पटना, 25 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने के ठीक बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने उनके आवास एक अणे मार्ग पर मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता ललन सिंह भी मौजूद रहे। करीब 20 मिनट चली इस बैठक को भले ही शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा हो, लेकिन इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा होने की अटकलें हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर बातचीत के विषय का खुलासा नहीं किया गया है। इससे पहले नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव से भी उनके आवास पर मुलाकात की, जिससे राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बहुमत साबित किया था। फ्लोर टेस्ट से पहले उन्होंने सदन में कहा था कि नीतीश कुमार को कोई भी न तो कुर्सी से हटा सकता है और न ही लोगों के दिलों से। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार नीतीश कुमार के दिखाए रास्ते पर चलते हुए बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे उनकी “पाठशाला” से नहीं, बल्कि उनके शासनकाल के अनुभवों से राजनीति में आगे बढ़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती और कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।इसी बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज पुनौराधाम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने जाएंगे और स्वामी रामभद्राचार्य से आशीर्वाद लेंगे। यह वही स्थल है, जहां 2025 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। करीब 50 एकड़ क्षेत्र में 882 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर 156 फीट ऊंचा होगा। इस प्रोजेक्ट को बिहार की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, सम्राट-नीतीश मुलाकात के बाद सियासी हलचल अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में बड़े फैसलों के संकेत मिल रहे हैं।
















