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क्या कांग्रेस में लौटेंगी ममता: सोनिया से मुलाकात, राहुल-अभिषेक बैठक और विलय की अटकलों से सियासत गरम

नई दिल्ली, 11 जून (अशोक “अश्क”) पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच बढ़ती नजदीकियों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। विपक्षी गठबंधन की हालिया बैठकों और शीर्ष नेताओं के बीच हुई मुलाकातों के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच किसी बड़े राजनीतिक समझौते या संभावित विलय की जमीन तैयार हो रही है। आठ जून को विपक्षी गठबंधन की बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात चर्चा का केंद्र रही। इसके अगले दिन ममता बनर्जी ने 10 जनपथ पहुंचकर सोनिया गांधी से विस्तृत बातचीत की।

वहीं 10 जून को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार और गर्म हो गया।राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में विपक्षी एकता के अलावा भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई। कुछ सूत्र दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इसी बीच यह भी चर्चा है कि राज्यसभा में भूमिका और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भागीदारी को लेकर भी बातचीत हुई है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पार्टी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया है। कांग्रेस की ओर से भी इन मुलाकातों को विपक्षी दलों के बीच समन्वय और एकजुटता की सामान्य प्रक्रिया बताया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में क्षेत्रीय दलों के सामने बढ़ी चुनौतियों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्षी दल नए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में ममता बनर्जी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बीच हुई लगातार बैठकों ने स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। फिलहाल सभी निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं। राजनीतिक गलियारों में सवाल गूंज रहा है कि क्या यह केवल विपक्षी एकता की कवायद है या फिर राष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़े बदलाव की आहट?

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