बक्सर, 24 अप्रैल (विक्रांत) बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में सफलतापूर्वक विश्वासमत हासिल कर लिया। इस अहम जीत के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है और सत्ताधारी गठबंधन इसे स्थिरता और मजबूत नेतृत्व की दिशा में निर्णायक कदम बता रहा है। सत्ता पक्ष के विधायकों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार के पक्ष में मतदान किया, जिससे मुख्यमंत्री की स्थिति और मजबूत हो गई।

इस राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने कहा कि यह जीत सरकार की नीतियों, नेतृत्व क्षमता और जनता के भरोसे की बड़ी मिसाल है। उन्होंने दावा किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार अब विकास, सुशासन और पारदर्शिता के नए युग में प्रवेश कर चुका है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बेबुनियाद आरोपों के जरिए सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता सब समझती है।भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस जीत को ऐतिहासिक बताया।

पूर्व जिलाध्यक्ष राम कुमार सिंह, राजवंश सिंह, राणा प्रताप सिंह और विजय कुमार सिंह उर्फ भोला सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि आने वाले समय में राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।वहीं बक्सर सदर विधायक आनन्द मिश्रा ने भी खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।

इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। अनिल पांडेय, चुन्नु सिंह, मीना कुशवाहा, इंदु देवी, पुनीत सिंह, विनोद राय, धनंजय त्रिगुण, लक्ष्मण शर्मा, भुटेली तिवारी, ओमज्योति भगत, संध्या पांडेय, रेखा शर्मा, मनोज पांडेय, रमेश गुप्ता, दीपक पांडेय और उमाशंकर राय समेत कई कार्यकर्ताओं ने इसे ऐतिहासिक जीत बताते हुए जश्न मनाया। इस विश्वासमत ने साफ कर दिया है कि बिहार की सियासत में फिलहाल सत्ता पक्ष मजबूत स्थिति में है और आने वाले समय में विकास के मुद्दे पर राजनीति और तेज हो सकती है।















