पटना, 24 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) बिहार के पूर्णिया जिले में साइबर ठगों का चौंकाने वाला नेटवर्क सामने आया है, जहां दो बैंक शाखाओं में 265 म्यूल बैंक खाते खोलकर करीब 50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का लेन-देन किया गया। इस बड़े खुलासे के बाद देश की साइबर क्राइम सिक्योरिटी यूनिट ने संबंधित बैंक शाखाओं को रेड अलर्ट जारी किया है और स्थानीय साइबर थाना पुलिस को जांच के लिए विस्तृत जानकारी सौंप दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर टीम तुरंत हरकत में आ गई है।

जांच में सामने आया कि बनमनखी स्थित बंधन बैंक शाखा में 150 म्यूल खाते और भट्टा बाजार स्थित इंडसइंड बैंक में 115 ऐसे खाते खोले गए। इन खातों के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में हुई साइबर ठगी की रकम का भी ट्रांजैक्शन किया गया है।प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इन खातों में चार से पांच लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का लेन-देन हुआ है, जिससे कुल रकम 50 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। साइबर पुलिस अब इन सभी खातों की गहन जांच कर रही है और खाताधारकों की पहचान में जुटी है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई खाते ऐसे लोगों के नाम पर खोले गए हैं, जिन्हें इसकी भनक तक नहीं है। मजदूरी के लिए पंजाब, मुंबई और अन्य महानगरों में काम कर रहे लोगों के नाम पर खाते खोल दिए गए। जानकीनगर निवासी रामचरित्र दास और मुंबई में कार्यरत शनिचर ऋषिदेव जैसे लोगों के नाम भी इस फर्जीवाड़े में सामने आए हैं, जो वर्षों से घर तक नहीं लौटे, फिर भी उनके खातों से लाखों का लेन-देन हुआ।इतना ही नहीं, कई किसानों के नाम पर भी खाते खोलकर इस अवैध नेटवर्क को संचालित किया गया। जांच में अररिया और किशनगंज के कई संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है लेकिन अब तक उनकी ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

गुरुवार को साइबर पुलिस ने बनमनखी स्थित बैंक शाखा में पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की और यह भी परखा जा रहा है कि खाता खोलने में बैंकिंग नियमों का पालन हुआ या नहीं।इस बड़े साइबर घोटाले ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

















