नई दिल्ली, 22 अप्रैल (अशोक “अश्क”) राजधानी नई दिल्ली में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती को लेकर चल रहे विवाद पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि पुरुष उम्मीदवारों के लिए वैध लाइट मोटर व्हीकल (LMV) ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होना पूरी तरह सही है और महिला उम्मीदवारों को इससे छूट देना भेदभाव नहीं माना जाएगा। न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।

इस फैसले के बाद SI भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति भी साफ हो गई है।याचिकाकर्ता ने अदालत में दलील दी थी कि पुरुषों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य करना, जबकि महिलाओं के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं रखना, समानता के अधिकार का उल्लंघन है। उनका कहना था कि यह नियम मनमाना और भेदभावपूर्ण है। हालांकि अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि भर्ती नियमों में यह अंतर पहले से तय कानूनी प्रावधानों पर आधारित है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस (नियुक्ति और भर्ती) नियमों के तहत पुरुष उम्मीदवारों के लिए शारीरिक दक्षता और कार्य की प्रकृति को देखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी रखा गया है।वहीं, महिला उम्मीदवारों के लिए लागू नियम 14(ए) में ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है, इसलिए अधिसूचना में यह अंतर पूरी तरह वैध है। अदालत ने कहा कि जब नियमों में ही अलग-अलग प्रावधान हैं, तो इसे भेदभाव नहीं कहा जा सकता।

इस फैसले को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता लाने वाला माना जा रहा है। अब यह साफ हो गया है कि दिल्ली पुलिस SI भर्ती में पुरुषों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी रहेगा, जबकि महिलाओं को इससे छूट मिलती रहेगी।













