पटना, 22 अप्रैल (पटना डेस्क) अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही बिहार के आरा में गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बुधवार को शहर सचमुच ‘आग उगलता’ नजर आया, जब दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक 23 से 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। तेज लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह 5:23 बजे 26 डिग्री सेल्सियस के साथ दिन की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन दोपहर होते-होते तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया।

इसके बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा छा गया। आम दिनों में भीड़भाड़ से गुलजार रहने वाली सड़कें वीरान दिखीं और लोग जरूरी काम के बिना घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए।भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहा। मवेशियों की हालत भी खराब दिखी। गाय-भैंस और अन्य जानवर पेड़ों की छाया में दुबके रहे, जबकि कई जगहों पर वे तपती जमीन पर लेटे नजर आए। यह दृश्य गर्मी की गंभीरता को साफ दर्शाता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि AQI.in के ताजा आंकड़ों के मुताबिक आरा दुनिया के टॉप-10 सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है। यह आंकड़ा क्षेत्र में बढ़ती गर्मी के खतरे की ओर इशारा करता है। मौसम विभाग ने भी राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं। अगले कुछ दिनों तक तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहने का अनुमान है। 25 अप्रैल को पारा 43 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि 27 अप्रैल के बाद हल्की गिरावट की संभावना जताई गई है। इस बीच, शहर में राहत की व्यवस्था नदारद दिख रही है।

नगर निगम की ओर से अब तक सार्वजनिक प्याऊ नहीं लगाए गए हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुछ समाजसेवी आगे आए हैं। जेल रोड स्थित लल्लू भाई ज्वेलर्स ने अपने प्रतिष्ठान के बाहर ठंडे पानी की व्यवस्था कर लोगों को राहत देने की पहल की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और लू से बचाव के उपाय अपनाएं।














