पटना, 15 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ आ गया जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। पटना स्थित लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह पहली बार है जब बिहार में बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा है, जिससे राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है।

सम्राट चौधरी के साथ जनता दल (यूनाइटेड) कोटे से वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। फिलहाल केवल तीन नेताओं को ही शपथ दिलाई गई है, जबकि नई एनडीए सरकार के गठन के बावजूद कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने इसे और भी खास बना दिया।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं की मौजूदगी ने नई सरकार को मजबूत राजनीतिक समर्थन का संदेश दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की सत्ता संतुलन में बड़ा परिवर्तन दर्शाता है। बीजेपी के नेतृत्व में बनी यह सरकार आने वाले समय में राज्य की नीतियों और विकास योजनाओं को नई दिशा दे सकती है।

वहीं, जेडीयू के साथ गठबंधन बनाए रखते हुए दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति से गठबंधन संतुलन साधने की कोशिश भी स्पष्ट नजर आ रही है। शपथ ग्रहण के बाद समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। पटना और आसपास के इलाकों में जश्न का माहौल रहा। अब सबकी नजरें नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और नीतिगत फैसलों पर टिकी हैं, जो बिहार की राजनीति और विकास की दिशा तय करेंगे।
















