नई दिल्ली, 14 अप्रैल (अशोक “अश्क”) अंडमान सागर में एक भीषण समुद्री हादसे ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। मलेशिया की ओर जा रही अवैध प्रवासियों से भरी एक नाव समुद्र के बीचोंबीच पलट गई, जिसमें सवार 250 से अधिक लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। इस दर्दनाक घटना में अब तक केवल 9 लोगों को ही जिंदा बचाया जा सका है, जबकि बाकी यात्रियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस नाव में रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों सहित करीब 250 से 280 लोग सवार थे। ये सभी लोग अवैध तरीके से बेहतर भविष्य की तलाश में मलेशिया जा रहे थे। बताया जा रहा है कि नाव कई दिनों से समुद्र में भटक रही थी, जिसके बाद खराब मौसम और तकनीकी कारणों से वह अचानक पलट गई।हादसे का खुलासा तब हुआ जब अंडमान सागर में गश्त कर रहे जहाजों ने कुछ लोगों को पानी में तैरते हुए देखा। तत्परता दिखाते हुए बचाव दल ने 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन बाकी यात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।

समुद्र में तेज लहरें और खराब मौसम राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘द डेली स्टार’ ने भी इस हादसे की पुष्टि की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नाव पर सवार अधिकतर लोग गरीब मजदूर थे, जो बेहतर जिंदगी की उम्मीद में खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाने को मजबूर हुए। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध मानव तस्करी और असुरक्षित समुद्री यात्राओं के खतरे को उजागर कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों पर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे। फिलहाल, लापता लोगों की तलाश जारी है, लेकिन हर बीतते घंटे के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं।

















