पटना, 13 अप्रैल (अविनाश कुमार) नई सरकार के गठन से पहले सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच एनडीए के भीतर जोड़-तोड़ और बैठकों का दौर तेज हो गया है। सत्ता के समीकरण साधने के लिए हर दल अपने हिस्से से ज्यादा मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक जनता दल यूनाइटेड की रणनीति ने राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया है। खास तौर पर निशांत कुमार का नाम चर्चा के केंद्र में है। उन्हें डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिसे पार्टी के “युवा चेहरे” के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति माना जा रहा है।

वहीं मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी और जदयू के बीच तालमेल बैठाकर जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश जारी है। मंत्रिमंडल गठन को लेकर भी मंथन तेज है। जदयू की संभावित सूची में विजेंद्र यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह और मदन सहनी जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा जमा खां और सुनील भी रेस में हैं। सूत्रों का दावा है कि 14 अप्रैल को नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार शपथ ले सकती है।

शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी जोरों पर है।इधर, “एक अणे मार्ग” स्थित आवास पर जदयू विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, जहां विधायक दल के नेता का चयन हो सकता है। इस बैठक में निशांत कुमार की भूमिका और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा संभव है। अब अगले 24 से 48 घंटे बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होंगे, जहां सत्ता परिवर्तन की पटकथा पूरी तरह लिखी जा सकती है।
















