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नौकरी नहीं तो अन्न नहीं: पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का आमरण अनशन, BPSC पर वादाखिलाफी का आरोप

पटना, 10 अप्रैल (अविनाश कुमार) राजधानी के गर्दनीबाग धरनास्थल पर शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा अब उबाल पर है। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जल्द से जल्द चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का नोटिफिकेशन जारी करे।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लाखों अभ्यर्थी वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आयोग लगातार टालमटोल कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी में अधियाचना मिलने के बावजूद 45 दिनों से अधिक समय बीत जाने पर भी विज्ञापन जारी नहीं किया गया।दिलीप कुमार ने कहा, “बार-बार हमें गुमराह किया गया। उम्र सीमा खत्म होने की कगार पर है, फिर भी सरकार और आयोग गंभीर नहीं हैं।” उन्होंने बताया कि 18 मार्च की वार्ता में अधिकारियों ने मार्च अंत तक विज्ञापन जारी करने का आश्वासन दिया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ओर नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ में नौकरियों का वादा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी है।

इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और पूरे बिहार में “महा आंदोलन” छेड़ा जाएगा। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन धरनास्थल पर तनाव बढ़ता जा रहा है।

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