नई दिल्ली, 10 अप्रैल (अशोक “अश्क”) अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के दावों के बावजूद हालात विस्फोटक बने हुए हैं। बुधवार को ईरान ने दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेल टैंकरों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

एक रिपोर्ट के अनुसार कई जहाज बीच समुद्र में फंस गए हैं और ईरानी नौसेना ने साफ संकेत दिया है कि फिलहाल यह मार्ग बंद रहेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू बताया जा रहा है। लेकिन इस बीच इजराइल ने लेबनान पर जोरदार हमले जारी रखे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकी थी, मगर व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि लेबनान पर कार्रवाई जारी रहेगी।

उधर, बेरूत एयरपोर्ट के पास बमबारी की खबरों ने तनाव और बढ़ा दिया है। ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर इजराइल के हमले नहीं रुके तो वह सीजफायर से बाहर निकल सकता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भी साफ कहा है कि लेबनान पर हमलों का “करारा जवाब” दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा, तो दुनिया भर में तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा और कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। फिलहाल, वैश्विक स्तर पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

















