नई दिल्ली, 09 अप्रैल (अशोक “अश्क”) कांग्रेस नेता पवन खेरा की अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को तेलंगाना हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए फैसला टाल दिया। कोर्ट ने आदेश शुक्रवार तक सुरक्षित रख लिया है, जिससे मामले में सस्पेंस और गहरा गया है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अहम कानूनी सवाल उठाते हुए याचिका की वैधता पर ही सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, पेश दस्तावेजों में खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा का पता दिल्ली का बताया गया है।

इस पर कोर्ट ने पूछा कि जब स्थायी निवास दिल्ली में है, तो याचिका तेलंगाना हाईकोर्ट में क्यों दायर की गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) पर स्थिति साफ करना जरूरी है।अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में कोटा नीलिमा का नवीनतम आधार कार्ड पेश किया जाए, ताकि उनके वर्तमान पते की पुष्टि हो सके और यह तय किया जा सके कि मामला इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब खेड़ा ने 5 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमांता बिस्वा शर्मा की पत्नी रिनीकी भुईयान शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए।

आरोपों को सरमा परिवार ने पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। मामले के बाद असम पुलिस दिल्ली स्थित उनके आवास पर भी पहुंची, जबकि मुख्यमंत्री सरमा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “पुलिस उन्हें कहीं से भी ढूंढ निकालेगी।” वहीं, खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ सवाल उठाए हैं और वे जांच में सहयोग करेंगे।अब सबकी नजरें शुक्रवार के फैसले पर टिकी हैं।
















