नई दिल्ली, 09 अप्रैल (अशोक “अश्क”) मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई नेविगेशन एडवाइजरी जारी कर दी है। इस एडवाइजरी में समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों (सी माइंस) के खतरे को देखते हुए जहाजों को तय नए मार्गों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है।

ऐसे में किसी भी तरह की बाधा अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल मचा सकती है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि होर्मुज पूरी तरह जहाजों के लिए खुला है या आंशिक रूप से नियंत्रित किया गया है।बीती रात आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों के बाद इस मार्ग को फिर से बंद कर दिया था। तेहरान का आरोप है कि यह कार्रवाई यूनाइटेड स्टेट्स के साथ हुए संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन है। इसी बीच, Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने जहाजों के लिए नए ट्रैफिक पैटर्न जारी किए हैं।

इसमें विशेष एंट्री और एग्जिट कॉरिडोर तय किए गए हैं, ताकि जहाज खतरनाक क्षेत्रों से दूर रह सकें। नौसेना ने जहाजों को लगातार संपर्क में रहने की भी सलाह दी है।समझौते के तहत डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी थी कि दो सप्ताह के संघर्षविराम के दौरान होर्मुज से तेल और गैस आपूर्ति बहाल की जाएगी। इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।हालांकि अब नए विवाद ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। ओमान ने ईरान के संभावित टैरिफ प्रस्ताव का विरोध किया है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में इसके लागू होने की भी बात कही जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर पड़ेगा, जिससे पूरी दुनिया में आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है।


















