मोतिहारी, 05 अप्रैल (गौरव कुमार गुप्ता) बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। विपक्ष जहां शराबबंदी कानून की विफलता पर लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष ने इस पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। क्या नेतृत्व में बदलाव के साथ कानून बदलेगा? इस पर अब सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है।

नीतीश कुमार के करीबी और राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी किसी भी हाल में खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का मिशन है, जो आगे भी जारी रहेगा। एक इंटरव्यू में श्रवण कुमार ने कहा कि चाहे सत्ता में कोई भी रहे, ‘नीतीश मॉडल’ ही बिहार की पहचान बना रहेगा। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री बदलने से नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि शराबबंदी गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित है और समाज में शांति व संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है। इधर, तेजस्वी यादव लगातार आरोप लगा रहे हैं कि राज्य में शराबबंदी सिर्फ कागजों पर है और शराब की होम डिलीवरी खुलेआम हो रही है। इस पर पलटवार करते हुए श्रवण कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि अगर तेजस्वी यादव को इतनी जानकारी है, तो उन्हें पुलिस को बताना चाहिए—ताकि वे “सीआईडी से भी ज्यादा मशहूर” हो सकें। मोतिहारी कांड के बाद उठे सवालों के बीच यह साफ हो गया है कि सरकार अपने फैसले पर कायम है। हालांकि, विपक्ष के हमलों और जमीनी हकीकत के बीच यह बहस अभी और तेज होने के संकेत दे रही है।















