नई दिल्ली, 03 अप्रैल (अशोक “अश्क”) क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हालात अब खतरनाक मोड़ लेते नजर आ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब सीधे सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ता दिख रहा है। शुक्रवार को अमेरिका ने पुष्टि की कि उसका एक लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है, जिसे रिपोर्ट्स में F-15 बताया जा रहा है। इस घटना के बाद से विमान का पायलट लापता है, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।

अमेरिकी वायुसेना ने पायलट की तलाश के लिए ईरान के अंदर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना के जवान भी खोज और बचाव अभियान में जुट गए हैं। वहीं दूसरी ओर ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि F-15E को भी निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार यह विमान सेंट्रल ईरान में गिरा और पायलट के बचने की संभावना बेहद कम है।

यहां तक कि कुछ दावों में पायलट को जिंदा पकड़कर बंधक बनाने की बात भी कही जा रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। तनाव यहीं नहीं थमा। Islamic Revolutionary Guard Corps और अमेरिकी स्पेशल फोर्स के बीच खुज़ेस्तान प्रांत में आमने-सामने फायरिंग की खबरें सामने आई हैं। इसके साथ ही अमेरिकी हेलीकॉप्टरों द्वारा ईरानी सैन्य काफिले पर हमले की भी चर्चा है। हालांकि अमेरिका ने ईरान के दावों पर अभी तक स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल लापता पायलट की स्थिति को लेकर बना हुआ है, जिसने पूरे विश्व की चिंता बढ़ा दी है।

















