नालंदा, 02 अप्रैल (अविनाश पांडेय) जिले के मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में दम घुटने से 8 श्रद्धालु महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को दिलीप कुमार (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विश्व मानवाधिकार संरक्षण आयोग व Indian National Congress सदस्य) घटनास्थल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

उन्होंने इस घटना को “हृदय विदारक” बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। डॉ. दिलीप कुमार ने साफ कहा कि इस हादसे में पूजा समिति और प्रशासन दोनों की चूक सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यधिक भीड़ के बावजूद जिला प्रशासन को पूर्व सूचना नहीं दी गई, जिससे पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो सकी। वहीं, उसी दिन द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के कारण प्रशासन और पुलिस बल का बड़ा हिस्सा प्रोटोकॉल ड्यूटी में व्यस्त था, जिससे मंदिर परिसर में सुरक्षा कमजोर पड़ गई।

उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ थाना प्रभारी को सस्पेंड करना और पुजारी को गिरफ्तार करना “खानापूर्ति” जैसा कदम है। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस अधिकारी उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही राष्ट्रपति की ड्यूटी में लगे थे, ऐसे में निचले स्तर पर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है।डॉ. दिलीप कुमार ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने बताया कि आयोग के अध्यक्ष तपन कुमार को घटना की जानकारी दे दी गई है और जल्द ही दिल्ली से जांच टीम गठित की जाएगी। उन्होंने नालंदा के प्रमुख मंदिरों—बड़गांव सूर्य मंदिर, औंगारी सूर्य मंदिर, मां आशापुरी मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों—के ट्रस्टीकरण और उन्हें राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से जोड़ने की मांग उठाई। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को कम से कम 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, जबकि निर्दोषों पर की गई कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए।
















