नई दिल्ली, 01 अप्रैल (अशोक “अश्क”) वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच चीन ने एक ऐसा अत्याधुनिक कार्गो ड्रोन तैयार किया है, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ‘चांगयिंग-8’ नामक यह विशाल एयरक्राफ्ट भारी-भरकम वजन उठाने की क्षमता के कारण चर्चा का केंद्र बन गया है। दावा किया जा रहा है कि यह अपने ही वजन के बराबर यानी करीब 3.5 टन तक का भार लेकर उड़ान भर सकता है।

मंगलवार को इसकी सफल टेस्टिंग के बाद इसे जल्द ही पूर्ण रूप से लॉन्च करने की तैयारी है। इस ड्रोन की खासियत यह है कि यह छोटे और सीमित सुविधाओं वाले रनवे से भी आसानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है, जिससे दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में सप्लाई मिशन बेहद आसान हो जाएंगे।तकनीकी रूप से उन्नत इस ड्रोन का एयरफ्रेम करीब 17 मीटर लंबा है, जबकि इसके पंख लगभग 25 मीटर तक फैले हुए हैं। इसमें 18 क्यूबिक मीटर तक सामान रखने की क्षमता है।

आगे और पीछे दोनों ओर गेट दिए गए हैं, जिससे माल चढ़ाने-उतारने में आसानी होती है। इसमें दो शक्तिशाली टर्बोप्रॉप इंजन लगाए गए हैं, जो इसकी कार्यक्षमता को और मजबूत बनाते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, चांगयिंग-8 का उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में किया जा सकेगा। आपदा राहत, इमरजेंसी कम्युनिकेशन, मौसम अनुसंधान और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इसकी भूमिका अहम मानी जा रही है।चीन की यह नई तकनीक वैश्विक ड्रोन तकनीक में बड़ा बदलाव ला सकती है।

















