समस्तीपुर, 03 नवंबर (हर्षिता “अश्क”) जिले में शराब के सेवन और अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूकता की मुहिम तेज होगी। मद्य निषेध अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलने वाले अभियान की समीक्षा सोमवार को जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में हुई। बैठक में नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जन-जागरूकता गतिविधियों और विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य शराब के सेवन और अवैध कारोबार के दुष्परिणामों से लोगों को जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाए। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया सहित सभी संचार माध्यमों से मद्य निषेध के महत्व, नशे के सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों और कानून के प्रावधानों का प्रचार किया जाएगा।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रजनीश कुमार राय को गतिविधियों का नियमित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।नुक्कड़ नाटक से लोगों को करेंगे जागरूकजिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी को लोकभाषा और स्थानीय परिवेश पर आधारित नुक्कड़ नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश दिया गया। इन कार्यक्रमों में नशामुक्त समाज, स्वस्थ जीवनशैली और परिवार पर शराब के नकारात्मक प्रभावों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।

वहीं जीविका के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और उनके परिवारों तक अभियान का संदेश पहुंचाया जाएगा। बैठक में उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार सिंह, जीविका डीपीएम विक्रांत कुमार, जूही कुमारी, शुभम कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समयबद्ध कार्यक्रम और नियमित समीक्षा के जरिए अभियान सफल बनाने का निर्देश दिया।














