पटना, 31 अक्टूबर (पटना डेस्क) अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बंगाल एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार तड़के स्थानीय पुलिस की मदद से एसटीएफ की टीम ने इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर स्थित सेंको गली में छापेमारी कर बंगाल हथियार तस्करी कांड के मुख्य अभियुक्त सीत कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी यहां निजी शिक्षक बनकर रह रहा था।सीत मूल रूप से मुंगेर जिले के नया रामनगर थाना क्षेत्र के लालू पोखर, नागलोक अड़गड़ा का निवासी है। बंगाल एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर नदीम अहमद के नेतृत्व में टीम ने उसे दबोचा। शुक्रवार को आरोपी को भागलपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राज कपूर की अदालत में पेश किया गया।

एसटीएफ ने बंगाल ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने 48 घंटे के लिए मंजूर कर लिया। इसके बाद टीम आरोपी को लेकर बंगाल रवाना हो गई। उसे उत्तर 24 परगना जिले के बारासात (नॉर्थ) न्यायालय में पेश किया जाएगा। डेगंगा थाना कांड संख्या 552/2024 में उसके खिलाफ वारंट जारी था। जांच में खुलासा हुआ कि सीत भागलपुर में खुद को निजी ट्यूटर बताकर साफ-सुथरी छवि बनाए हुए था, जबकि पर्दे के पीछे वह हथियार तस्करी का अहम कड़ी था। वह मुंगेर से हथियार लाकर भागलपुर में मालदा के तस्कर अब्दुल हन्नान और उसके गिरोह को उपलब्ध कराता था।15 सितंबर 2024 को बंगाल एसटीएफ ने कलियाचक निवासी अब्दुल हन्नान को डेगंगा थाना क्षेत्र से स्वचालित हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में हन्नान ने सीत के जरिए मुंगेर से हथियार मिलने की जानकारी दी थी। इसके बाद से एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।एसटीएफ के अनुसार, सीत सीधे फोन पर तस्करों से बातचीत करने से बचता था। हथियारों की डील व्हाट्सएप कॉल और गुप्त कोड के जरिए होती थी। डिलीवरी की तारीख पहले तय की जाती थी। इसके बाद वह मुंगेर से ऑटोमैटिक पिस्टल, कार्बाइन और कारतूस लाकर भागलपुर में गिरोह को सौंपता था। वहां से हथियार बंगाल के विभिन्न जिलों में भेजे जाते थे। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद लगातार निगरानी के आधार पर एसटीएफ ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।














