बक्सर, 25 अक्टूबर (विक्रांत) भागलपुर की पहचान माने जाने वाले जरदालू आम की खुशबू अब पंसल्ला गांव की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान देगी। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के मार्गदर्शन में सुल्तानगंज प्रखंड के पंसल्ला गांव को ‘जरदालू आम ग्राम’ के रूप में विकसित करने के लिए ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक बागवानी तकनीक से जोड़कर आम उत्पादन बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता सुल्तानगंज विधायक डॉ. ललित नारायण मंडल एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एम. हक ने की।

इस दौरान विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन डॉ. राजेश कुमार, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता शम्भावी, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर.के. सोहाने, निदेशक कार्य एवं संकाय ई.के.एस. रमन, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर डॉ. जे.एन. श्रीवास्तव और अधिष्ठाता कृषि डॉ. संजय कुमार मौजूद रहे।कार्यक्रम में मुखिया चंदन कुमार, ‘मैंगो मैन ऑफ बिहार’ अशोक कुमार चौधरी तथा विश्वविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता कृषि डॉ. मुक्तेश्वर कुमार भी शामिल हुए। डॉ. मुक्तेश्वर इसी गांव के निवासी हैं। कार्यक्रम के दौरान जरदालू आम के पौधे रोपे गए तथा किसानों के बीच 100 पौधे वितरित किए गए।टीम लीडर डॉ. कुमारी करुणा के स्वागत संबोधन से कार्यक्रम शुरू हुआ। बिहार कृषि महाविद्यालय की एसोसिएट डीन सह प्राचार्य डॉ. रूबी रानी समेत पदाधिकारियों ने वैज्ञानिक खेती और बागवानी तकनीक अपनाने पर जोर दिया।

अशोक कुमार चौधरी ने जरदालू की गुणवत्ता व पहचान बचाने तथा वैज्ञानिक खेती विस्तार की जरूरत बताई। अंत में कृषि विज्ञान केंद्र भागलपुर की वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. अनीता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।















