पटना, 18 अक्टूबर (अविनाश कुमार) मां दुर्गा के पट खुलते ही राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में दुर्गापूजा का उत्सव चरम पर पहुंच गया है। शहर से लेकर गांव तक पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। इस वर्ष राज्यभर में करीब 16,800 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 1,300 अधिक हैं। बढ़ी भीड़ और संवेदनशील माहौल को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया है।पूरे राज्य में 57 कंपनी सुरक्षा बल के साथ करीब 20 हजार पुलिसकर्मी और 5,100 होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। इनमें 34 कंपनी बिहार विशेष सुरक्षा पुलिस (बीसैप), 12 कंपनी दंगा निरोधी दस्ता और 11 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) शामिल हैं।

इसके अलावा विशेष निगरानी के लिए 10 डीएसपी की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो प्रतिमा विसर्जन के बाद 24 अक्टूबर तक तैनात रहेंगे।पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को संवेदनशील स्थलों की पहचान कर विशेष चौकसी बरतने और 24 घंटे गश्ती का निर्देश दिया है। भारत-नेपाल सीमा के साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। पंडालों, चौक-चौराहों और प्रमुख स्थानों पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पंडालों में आपत्तिजनक झांकी, चित्र या स्लोगन नहीं लगाने तथा सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरण की व्यवस्था रखने को कहा गया है। स्टेट पुलिस कमांड सेंटर से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साइबर सेल की नजर है।

अफवाह या अराजकता फैलाने वाली सामग्री को तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर रोक होगी।विसर्जन जुलूस पुलिस स्कॉट में निकलेगा और संवेदनशील जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। सभी जुलूस के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। धार्मिक स्थलों के पास दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती होगी। नदी और तालाबों पर गोताखोर व बचाव दल तैनात रहेंगे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि जुलूस में शामिल लोगों के लौटने तक सुरक्षा बल मौके पर डटे रहें।















