नालंदा, 18 अक्टूबर (अविनाश पांडेय) पटना शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी चुनावी गतिविधियों को धार देना शुरू कर दिया है। शनिवार, 17 अक्टूबर को बिहारशरीफ के होटल वैभव इंटरनेशनल मैरिज हॉल में राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित समीक्षात्मक बैठक में शिक्षक प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार और स्नातक प्रत्याशी दिलीप कुमार पहली बार एक मंच पर पहुंचे। दोनों प्रत्याशियों ने एनडीए पर जमकर निशाना साधते हुए मतदाताओं से राजद के पक्ष में गोलबंद होने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक, प्राचार्य और स्नातक मतदाता शामिल हुए।

तीन जिलों में होने वाले चुनाव को लेकर संगठन की भूमिका, मतदाताओं से संपर्क और चुनावी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। शिक्षक प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि एनडीए के नेता हताशा में लगातार बैठकें कर रहे हैं, लेकिन बुद्धिजीवी मतदाता उनके प्रत्याशी को समर्थन देने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने राजद के पक्ष में समर्थन जुटाने की अपील की। स्नातक प्रत्याशी दिलीप कुमार ने नीतीश कुमार सरकार पर भ्रष्टाचार और विकास के नाम पर लूट का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि स्नातक मतदाता मौजूदा शासन व्यवस्था से परेशान हैं और चुनाव में अपनी नाराजगी का इजहार करेंगे।पूर्व विधायक राकेश रौशन ने कहा कि नालंदा से पूरे राज्य के बुद्धिजीवी मतदाताओं के बीच बदलाव का संदेश जाएगा और राजद प्रत्याशियों की जीत होगी।

पूर्व राज्य प्रवक्ता मनीष यादव ने चुनाव को बदलाव की लड़ाई बताते हुए इसे तेजस्वी यादव के ए टू जेड समाज को सम्मान देने का संघर्ष करार दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष हुमायु अख्तर तारिक, राजद नेता टनटन खान और पूर्व प्रधान महासचिव सुनील यादव ने भी अपने संबोधन में एनडीए पर निशाना साधा। सुनील यादव ने एनडीए के दोनों प्रत्याशियों की भाषा-शैली पर सवाल उठाए। बैठक की अध्यक्षता राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रेमनाथ ने की। मौके पर पूर्व राजद प्रत्याशी अनिल महाराज, डॉ. अमरेंद्र कुमार, सुनील साव, निधि शर्मा, कल्लू मुखिया, अरुणेश यादव, दीपक कुमार, मनोरमा रानी, राजबल्लम यादव, खुर्शीद अंसारी, जीतू यादव, प्रमोद गुप्ता, मणिशंकर कुमार, आर्यन यादव, गोलू यादव और नीतीश यादव समेत बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















