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80 किमी दूरी बनी मजबूरी, बीमार सास की सेवा के लिए शिक्षिका ने लगाई स्थायी पदस्थापना की गुहार

नालंदा, 21 मई (अविनाश पांडेय) जिले के बड़ी पहाड़ी राष्ट्रीय प्लस टू उच्च विद्यालय में प्रतिनियुक्त मनोविज्ञान शिक्षिका प्रीति कुमारी ने मानवीय आधार पर स्थायी पदस्थापना की मांग उठाकर शिक्षा महकमे का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पारिवारिक जिम्मेदारियों और बीमार सास की देखभाल का हवाला देते हुए शिक्षिका ने बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सह ग्रामीण विकास मंत्री को आवेदन सौंपकर राहत की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार प्रीति कुमारी वर्तमान में टीआरई-2 के तहत प्लस टू राजकीयकृत उच्च विद्यालय, गोपालबाद-परनामा में पदस्थापित हैं, जो उनके घर से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है।

लंबी दूरी तय करने के कारण पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन मुश्किल होता जा रहा है। आवेदन में शिक्षिका ने उल्लेख किया है कि उनकी सास सुशीला देवी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और उनकी नियमित देखभाल के लिए घर पर मौजूद रहना आवश्यक है। इसी मानवीय परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर उन्हें तीन माह के लिए बड़ी पहाड़ी राष्ट्रीय प्लस टू उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ में प्रतिनियुक्त किया गया था। प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्ति के करीब पहुंचने के बाद अब शिक्षिका ने स्थायी पदस्थापना अथवा अगले आदेश तक प्रतिनियुक्ति जारी रखने की मांग की है।

शिक्षिका ने अपने आवेदन में कहा है कि यदि उन्हें बड़ी पहाड़ी विद्यालय में पदस्थापित किया जाता है तो पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ शैक्षणिक कार्य भी बेहतर ढंग से कर सकेंगी। इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को भी आवेदन देकर स्थिति से अवगत कराया है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग मानवीय आधार पर क्या फैसला लेता है।

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