नालंदा, 16 जून (अविनाश पांडेय) विश्व प्रसिद्ध राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के सफल समापन के साथ ही इस बार का आयोजन कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बन गया। मंगलवार को न्यू एनआईसी सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने संयुक्त रूप से मेले की सफलता का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बताया कि 17 मई से 15 जून तक चले इस भव्य आयोजन में लगभग 3 करोड़ 82 लाख श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। जिला पदाधिकारी ने बताया कि बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजगीर पहुंचे।

ब्रह्मकुंड समेत विभिन्न पवित्र कुंडों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। फरवरी माह से ही प्रशासन ने मेले की तैयारियां शुरू कर दी थीं और पूरे मेला क्षेत्र का डिजिटाइज्ड ले-आउट तैयार कर सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।उन्होंने बताया कि तीनों शाही स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, लेकिन प्रशासनिक सतर्कता और बेहतर प्रबंधन के कारण कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। मेला अवधि में वीआईपी एवं वीवीआईपी टेंट सिटी सहित 15 आवासन स्थलों पर 13.87 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ठहरने की सुविधा का लाभ उठाया।भीड़ और आपदा प्रबंधन के लिए 200 आपदा मित्र, एसडीआरएफ और स्काउट-गाइड की तैनाती की गई थी।

इनके सहयोग से 1514 वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर के माध्यम से ब्रह्मकुंड तक पहुंचाकर स्नान कराया गया। वहीं खोया-पाया केंद्र ने 5969 बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की।स्वास्थ्य सेवाओं के तहत सात अस्थायी अस्पताल, 20 स्वास्थ्य शिविर और 377 चिकित्सक-पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई। पूरे मेले में 1.05 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का उपचार किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5000 पुलिस बल, 1200 दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी, 426 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई थी। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा कि प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं, मीडिया और आम जनता के सहयोग से मेला शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने इसे राजगीर के इतिहास के सबसे सफल और यादगार आयोजनों में से एक बताया।














