समस्तीपुर, 27 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा 29 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली अधिनायक अनुदेशक प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने समाहरणालय सभागार में संयुक्त रूप से उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर की लापरवाही अथवा शिथिलता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने तथा असामाजिक तत्वों एवं नकल कराने वाले गिरोहों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने परीक्षा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और अभ्यर्थियों के सुरक्षित एवं सुगम प्रवेश-निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।जिले में आयोजित इस परीक्षा में कुल 6,576 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था की है। इसके तहत 3 उड़न दस्ता दल, 8 जोनल दंडाधिकारी तथा 14 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है।

तीनों उड़न दस्ता दलों में नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश, बंदोबस्त पदाधिकारी विजय कुमार तथा जिला पंचायत राज पदाधिकारी विष्णु देव मंडल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये दल परीक्षा अवधि के दौरान लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करेंगे। बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) राजेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक मौजूद रहे। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने का निर्देश दिया गया।














