पटना, 16 अगस्त (अविनाश कुमार) स्वतंत्रता दिवस 2026 पर बिहार सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में तीन बड़े बदलाव लागू कर प्रदेशवासियों को नई सौगात दी है। 15 अगस्त से सरकारी अस्पतालों में रेफरल प्रक्रिया को सख्त और पारदर्शी बना दिया गया है। वहीं, मॉडल स्कूलों में ई-लर्निंग की शुरुआत और सरकारी शिक्षकों की छुट्टी की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और विभागीय कामकाज में पारदर्शिता आएगी। स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब सामान्य मरीजों को बिना ठोस कारण बड़े अस्पतालों में रेफर करने वाले संबंधित डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि गंभीर मरीजों को रेफर करने से पहले उनका प्राथमिक उपचार कर स्थिति को स्थिर करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के अनुसार, रेफर किए जाने वाले प्रत्येक मरीज की बीमारी, उपचार और रेफरल के कारण का पूरा विवरण ‘भाव्या डिजिटल पोर्टल’ पर दर्ज करना होगा। साथ ही मरीजों को बड़े अस्पताल तक पहुंचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। सरकार का मानना है कि इससे मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ कम होगी तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने भी डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मॉडल स्कूलों में अब विद्यार्थियों के लिए लाइव ऑनलाइन क्लास की सुविधा शुरू कर दी गई है।

छात्र स्कूल समय के बाद भी अपने शिक्षकों से पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। यह पूरी ई-लर्निंग सेवा विद्यार्थियों के लिए निशुल्क होगी। इसका लाभ लेने के लिए छात्रों को निर्धारित पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कराना होगा।इसी के साथ सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए छुट्टी लेने की पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब सभी प्रकार के अवकाश के लिए ‘ई-शिक्षाकोष पोर्टल’ के माध्यम से ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अवकाश स्वीकृत होने के बाद आदेश भी पोर्टल पर ही जारी होगा।सरकार का कहना है कि इन तीनों बदलावों से स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। स्वतंत्रता दिवस पर लागू हुए इन फैसलों को बिहार में सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













