पटना, 15 अगस्त (अविनाश कुमार) गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में बिहार की बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार का बड़ा विजन सामने रखा। मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली, किसानों को सस्ती बिजली और रूफटॉप सोलर के विस्तार पर जोर देते हुए संकेत दिया कि सरकार अब केवल सब्सिडी देने के बजाय कम लागत में बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक बिहार के उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। इस योजना पर सरकार को हर साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इतनी बड़ी राशि को देखते हुए सरकार अब बिजली उत्पादन की लागत कम करने और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि सब्सिडी से आम लोगों को राहत जरूर मिल रही है, लेकिन लंबे समय तक सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएं, जिससे घरेलू बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा स्थानीय स्तर पर पूरा हो सके और बिजली व्यवस्था पर दबाव घटे।किसानों को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्हें महज 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इससे कृषि क्षेत्र में बिजली की लागत कम रखने में मदद मिलने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि राज्य के 60 लाख से अधिक किसान डिजिटल माध्यम से सरकार से जुड़े हैं। सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए किसानों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच और मजबूत करने की तैयारी में है।

बिजली सब्सिडी की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार देश में सबसे अधिक बिजली सब्सिडी देने वाले राज्यों में शामिल है और उत्तर प्रदेश की तुलना में भी यहां अधिक सब्सिडी दी जा रही है। हालांकि अब चुनौती मुफ्त बिजली और भारी सब्सिडी के साथ ऊर्जा क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने की है। इधर, गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मैदान को चार सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटा गया था। गांधी मैदान व कारगिल स्मृति चौक के आसपास 62 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई थी। बारिश को देखते हुए दर्शक दीर्घा के ऊपर करीब 80 हजार वर्गफीट क्षेत्र में शेड लगाया गया था।मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद अब निगाह इस बात पर है कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों को सस्ती बिजली और रूफटॉप सोलर की रणनीति बिहार की ऊर्जा व्यवस्था को कितनी मजबूती देती है। यदि उत्पादन लागत घटाने और सौर ऊर्जा विस्तार की योजनाएं तेजी से जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले समय में बिहार के बिजली क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।













