बक्सर, 26 अप्रैल (विक्रांत) स्वामी विवेकानंद के “सौ समर्पित लोगों” के संकल्प को आधार बनाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित प्रमुख जन संगोष्ठी में राष्ट्र निर्माण का जोश चरम पर दिखा। स्थानीय अनंत विजयम एकेडमी के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में दक्षिण प्रांत के प्रांत शिक्षण प्रमुख उपेंद्र भाई त्यागी ने कहा कि “यदि सौ समर्पित व्यक्ति तैयार हो जाएं, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।” उन्होंने बताया कि इसी विचारधारा से प्रेरित होकर डॉ. केशव बलराम हेडगेवार ने सौ वर्ष पूर्व नागपुर में संघ की स्थापना की थी।

त्यागी ने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, क्योंकि मजबूत व्यक्तित्व ही सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह और डॉ. हेडगेवार को जन्मजात देशभक्त बताते हुए उनके जीवन के कई प्रेरक प्रसंग साझा किए। डॉ. हेडगेवार के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने बचपन से ही अंग्रेजी सत्ता का विरोध किया और बाद में क्रांतिकारियों के साथ जुड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि समाज की कमजोरियों के कारण कई क्रांतिकारी शहीद हुए, जिसे सुधारने के लिए संघ की स्थापना की गई।

शताब्दी वर्ष के अवसर पर बड़े आयोजनों की बजाय गांव-गांव संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर जोर देते हुए त्यागी ने ‘पंच परिवर्तन’ सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व आधारित जीवन, नागरिक कर्तव्यबोध और शिष्टाचार को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए “एक व्यक्ति, एक पेड़” लगाने की अपील की और जापान का उदाहरण देकर संसाधनों के संरक्षण की सीख दी।परिवार और संस्कारों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा, गीता पाठ और सनातन परंपराओं का पालन अगली पीढ़ी को राष्ट्रभक्त बनाएगा।

कार्यक्रम का संचालन भोजपुर विभाग कार्यवाह विमल जी ने किया, अध्यक्षता नगर संचालक वीरेंद्र राय ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय निदेशक चंदन मिश्रा ने दिया।इस मौके पर जय शंकर पांडे, राजीव, भगत, रघुवर सिंह, संतोष जी, ओम ज्योति भगत, वंदना भगत, रमेश केशरी, राजीव भगत, उपेंद्र गौतम, पुष्पांजलि चौबे, जितेंद्र तिवारी, संजय चौबे, अमृतांशु, सुधांशु, प्रो. राजेंद्र प्रसाद, भरत श्रीवास्तव समेत सैकड़ों प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
















