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सिर्फ 4 मिनट में चमके युवा वैज्ञानिक, बिहार कृषि विश्वविद्यालय की रिसर्च प्रतियोगिता में प्रतिभाओं ने मचाई धूम

बक्सर, 10 जुलाई (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में आयोजित दो दिवसीय “4 मिनट रिसर्च फाइंडिंग्स (4MRF) प्रतियोगिता-2026” का शुक्रवार को शानदार समापन हुआ। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से आयोजित इस अनूठी प्रतियोगिता में युवा शोधार्थियों ने महज चार मिनट में अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत कर निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस पहल का उद्देश्य शोधार्थियों में प्रभावी वैज्ञानिक संचार कौशल विकसित करना रहा।

दो दिनों तक चली प्रतियोगिता में बिहार कृषि महाविद्यालय (बीएसी), सबौर, नालंदा उद्यान महाविद्यालय (एनसीओएच), नूरसराय तथा डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय (डीकेएसी), किशनगंज के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न विषयों से कुल 45 शोध प्रस्तुतियां हुईं, जिनका विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक गुणवत्ता, प्रस्तुति शैली और प्रभावशीलता के आधार पर गहन मूल्यांकन किया। इसके बाद नौ प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए चुना गया।प्रथम स्थान जयश्री नाइक (पादप रोग विज्ञान), अपराजिता शालिनी (सब्जी विज्ञान) और प्रगति कुमारी (एग्रोनॉमी) ने हासिल किया।

द्वितीय स्थान आराध्या राज (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट), गोपीरेड्डी उदय किरण (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) तथा अनुराग मिश्रा (सब्जी विज्ञान) को मिला। वहीं तृतीय स्थान कुमारी सिबी रानी (मृदा विज्ञान), उत्कर्ष चतुर्वेदी (पादप रोग विज्ञान) और सुपर्णा मुखर्जी (प्रसार शिक्षा) ने प्राप्त किया।प्रतियोगिता का सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे दो दिनों में छह हजार से अधिक बार देखा गया। यह विश्वविद्यालय की इस पहल के प्रति विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कृषि विज्ञान में रुचि रखने वालों के व्यापक उत्साह को दर्शाता है।

समापन समारोह में आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. तीर्थार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं शोधार्थियों को जटिल वैज्ञानिक तथ्यों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देती हैं। बिहार कृषि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रूबी रानी ने प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई देते हुए इसे शोध संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल बताया।निदेशक अनुसंधान डॉ. ए.के. सिंह ने विद्यार्थियों से समर्पण, दृढ़ संकल्प और निष्ठा के साथ कृषि अनुसंधान को किसानों और समाज के हित में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने बताया कि ऑनलाइन फीडबैक के आधार पर प्रतियोगिता के प्रभाव का मूल्यांकन कर भविष्य में इसे और अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

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